केला ना भजिया

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केला ना भजिया (केला ना भजिया) गुजरात का एक बहुत ही शाही, अनोखा और लोकप्रिय पारंपरिक नाश्ता है जिसे पके हुए केलों के मीठे और तीखे राजसी मेल के लिए जाना जाता है। यह अपनी बेहतरीन बनावट, लाजवाब सोंधी खुशबू और शाम के एक अनिवार्य शाही 'फरसाण' के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसे अक्सर बारिश के मौसम में या त्यौहारों पर एक मुख्य नाश्ते के रूप में परोसा जाता है। इसमें पके हुए केलों के स्लाइस को बेसन के तीखे घोल में लपेटकर सुनहरा होने तक तला जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, कोमल और लाजवाब होता है। काली मिर्च और अजवाइन इसे एक विशेष और राजसी पहचान देते हैं। केला भजिया का हर कौर परंपरा और मिठास का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा पके हुए लेकिन सख्त केलों और शुद्ध बेसन का ही चुनाव करें, यह सबसे होता है।
- घोल को बहुत पतला न करें।
- तेल का तापमान सही रखें।
- यह उन लोगों के लिए सबसे लाजवाब नाश्ता है जो गुजरात के सबसे अनोखे और शाही मीठे-तीखे स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 150g portion)
240 kcal
3g
12g
32g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
