अरबी के पत्ते का झोल

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अरबी के पत्ते का झोल उत्तराखंड की पहाड़ियों और मध्य भारत के मैदानों का एक बहुत ही शानदार और चटपटा व्यंजन है। मशहूर 'पात्रा' के विपरीत, इस डिश में कोमल पत्तों को सीधे एक पतली और तीखी ग्रेवी में पकाया जाता है। यह मानसून के मौसम की हरियाली और शुद्धता का प्रतीक है। इसका स्वाद अरबी के पत्तों के सोंधेपन और छाछ या इमली की खटास का एक बेहतरीन मेल है। यह शरीर को ताकत और सुकून देने वाला एक बहुत ही पौष्टिक भोजन है। इसे गरमागरम चावल और देसी घी के साथ खाना सबसे अच्छा अनुभव है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- अरबी के पत्तों के पीछे की मोटी नसें ज़रूर निकालें; यही गले में होने वाली खुजली को रोकने का सबसे बड़ा राज है।
- खट्टी छाछ या इमली का उपयोग बहुत ज़रूरी है क्योंकि खटास पत्तों के प्राकृतिक तीखेपन को खत्म करती है।
- लहसुन को गहरा सुनहरा होने तक भूनें, इससे झोल में एक बहुत ही शानदार और सोंधा स्वाद आता है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 200ml)
135 kcal
4g
8g
12g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
