भंडारे वाले आलू

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भंडारे वाले आलू उत्तर भारत की एक ऐसी डिश है जिसका नाम सुनते ही मंदिर के लंगर और दावतों की याद आ जाती है। इसमें मोटे तौर पर मैश किए हुए आलू को एक बहुत ही तीखी और चटपटी ग्रेवी में पकाया जाता है, जिसमें प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं होता। अदरक, हरी मिर्च और बड़ी इलायची का भरपूर तड़का इसे एक खास खुशबू और सोंधापन देता है। अमचूर और भुने जीरे का मेल इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है। यह डिश भारतीय परंपरा के उस पहलू को दर्शाती है जहाँ साधारण चीज़ों से भी शाही स्वाद बनाया जाता है। इसे गरमागरम कुरकुरी पूरियों या कचौरियों के साथ खाना सबसे लाजवाब होता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- आलू को हमेशा हाथों से तोड़कर डालें, यही इस सब्जी की असली पहचान है।
- मेथी दाने का तड़का ही इसे मंदिर के लंगर वाला खास 'सात्विक' स्वाद और खुशबू देता है।
- हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें, इससे तरी का स्वाद और भी निखर कर आता है।
- सब्जी को कम से कम 15 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें, तभी इसमें असली तीखापन और गहराई आएगी।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 bowl (250g))
280 kcal
4g
12g
38g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
