भट्ट का थिंचवाणी (कुचले हुए काले भट्ट की करी)

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भट्ट का थिंचवाणी उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र का एक बहुत ही शानदार और सोंधा व्यंजन है। इस अनोखी रेसिपी में काले भट्ट (सोयाबीन) को पीसने के बजाय ओखली में कुचला (थिंचना) जाता है, जिससे करी को एक बहुत ही बढ़िया और पारंपरिक बनावट मिलती है। हम कुचले हुए भट्ट को अदरक, लहसुन और पहाड़ी जड़ी-बूटियों के साथ धीमी आंच पर पकाते हैं। यह पहाड़ों में ताकत देने वाला एक मुख्य भोजन है जो शरीर को अंदर से गरमाहट देता है। इसका स्वाद बहुत ही गहरा और लाजवाब होता है। इसे लाल चावल और देसी घी के साथ खाना सबसे अच्छा लगता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- भट्ट को पीसने के बजाय कूटना ही सबसे बड़ा राज है; यही उसे वह असली पहाड़ी बनावट और स्वाद देता है।
- तड़के के लिए हमेशा सरसों के तेल का ही उपयोग करें, इसकी तीखी खुशबू थिंचवाणी को लाजवाब बनाती है।
- धीमी आंच पर पकाने से भट्ट का अपना तेल ग्रेवी में मिल जाता है, जिससे स्वाद बहुत ही शानदार और गहरा हो जाता है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 200ml)
235 kcal
14g
10g
16g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
