भट्ट की खिचड़ी

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उत्तराखंड के पहाड़ों की सादगी और पोषण से भरपूर भट्ट की खिचड़ी (Bhatt Ki Khichdi) एक बेहतरीन वन-पॉट मील है। इस पारंपरिक कुमाऊँनी रेसिपी में काले सोयाबीन यानी भट्ट की दाल को चावल के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और सोंधापन निखर कर आता है। अक्सर लोहे की कड़ाही में बनाई जाने वाली यह काले भट्ट की खिचड़ी आयरन और प्रोटीन का एक अद्भुत स्रोत है, जो शरीर को प्राकृतिक गर्माहट और ऊर्जा देती है। पहाड़ी खिचड़ी की यह डिश अपने अनोखे नटी स्वाद और खुशबूदार मसालों के कारण साधारण खिचड़ी से बिल्कुल अलग और लाजवाब होती है। इसे गरमा-गरम शुद्ध देसी घी, पहाड़ी पिसे हुए नमक और दही के साथ परोसें और देवभूमि के इस पारंपरिक स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन का आनंद लें।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- असली पहाड़ी स्वाद के लिए हमेशा शुद्ध देसी घी का ही उपयोग करें।
- भट्ट को भिगोना बहुत ज़रूरी है, वरना चावल गल जाएंगे और भट्ट कच्चे रह जाएंगे।
- अंत में थोड़ा सा गुड़ डालने से इसका सोंधापन और भी बहुत ही शानदार हो जाता है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 serving)
310 kcal
14g
12g
42g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
