भट्टी दा मुर्ग

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भट्टी दा मुर्ग उत्तर भारत के पारंपरिक मिट्टी के चूल्हों (भट्टी) में बनाया जाने वाला एक बहुत ही खुशबूदार और सोंधा व्यंजन है। इसमें चिकन को गाढ़े दही, लाल मिर्च और खास 'भट्टी मसाले' (जिसमें काली मिर्च और जावित्री होती है) के साथ दो बार मैरीनेट किया जाता है। इसके बाद इसे तेज़ आंच पर भुना जाता है, जिससे चिकन बाहर से थोड़ा कुरकुरा और अंदर से बेहद रसीला रहता है। यह अपने सोंधेपन और तीखे स्वाद के लिए जाना जाता है। तंदूरी चिकन के मुकाबले यह स्वाद में ज़्यादा दमदार और तीखा होता है। इसे हरी चटनी और नींबू के साथ गरमागरम परोसें।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- असली पंजाबी सोंधे स्वाद के लिए मैरीनेशन में सरसों का तेल डालना बहुत ज़रूरी है।
- जावित्री (Mace) वह खास मसाला है जो इस डिश को एक विशेष और बेहतरीन खुशबू देता है।
- ग्रिल करते समय आखिरी मिनटों में मक्खन लगाने से चिकन सूखता नहीं और रसीला रहता है।
- पकने के बाद चिकन को तुरंत न परोसें, 5 मिनट रुकें ताकि उसका रस अंदर ही बना रहे।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 portion (250g))
310 kcal
28g
18g
4g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
