चहा

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भारत की मेहमाननवाज़ी और हर घर की पसंद चहा (Chaha) केवल एक पेय नहीं, बल्कि एक अहसास है जो हर थकान को मिटा देने की ताकत रखता है। महाराष्ट्र के इस पारंपरिक मसाला चाय रेसिपी की खासियत इसका कड़क स्वाद और सोंधी खुशबू है, जिसे अदरक, इलायची और अक्सर ताज़ी 'गवती चहा' (लेमनग्रास) के साथ पकाकर तैयार किया जाता है। साधारण चाय के मुकाबले, असली अदरक वाली चाय को दूध और पानी के साथ धीमी आंच पर तब तक उबाला जाता है जब तक कि मसालों का पूरा अर्क उसमें समा न जाए। एंटी-ऑक्सीडेंट्स और इम्युनिटी बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर यह पौष्टिक हर्बल चाय स्फूर्ति और ताज़गी का एक बेहतरीन स्रोत है। इसे गरमा-गरम प्याली में बारीक सेव या खारी बिस्किट के साथ परोसें और इस पारंपरिक महाराष्ट्रीयन चहा के साथ अपनी शाम को खास बनाएं।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- अदरक को बिल्कुल अंत में न डालें, इसे पानी के साथ उबालना ही स्वाद का राज है।
- दूध की मात्रा पानी से आधी रखें, यही असली महाराष्ट्रीयन चहा की पहचान है।
- इसे गरमागरम पीना ही सबसे शाही अनुभव है।
- चीनी अपनी पसंद के अनुसार मिठास के लिए घटा-बढ़ा सकते हैं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 serving)
80 kcal
3g
3g
10g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
