चवळीची उसळ

Images on Rasoi Buddy are for illustrative purposes only and may not represent the exact appearance of the final dish.
स्वाद और सेहत के भरपूर मेल के साथ तैयार चावली उसळ (Chawli Usal) महाराष्ट्र के खान-पान का एक अहम हिस्सा है। इस पारंपरिक लोबिया की सब्जी में काले निशान वाली चावली (Black-eyed peas) को भुने हुए नारियल, प्याज और 'कांदा लहसुन मसाला' से तैयार तीखे रस्से में पकाया जाता है। साधारण दालों के मुकाबले, चावली उसळ अपने सोंधेपन और चटपटे ज़ायके के लिए जानी जाती है, जो इसे एक बेहतरीन पौष्टिक शाकाहारी भोजन बनाती है। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होने के कारण यह हेल्दी करी वजन घटाने और पाचन के लिए बहुत फायदेमंद है। इसे गरमा-गरम ज्वार की भाकरी, चपाती या चावल के साथ परोसें और इस पारंपरिक महाराष्ट्रीयन उसळ के असली देहाती स्वाद का आनंद लें।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- चवली को भिगोना बहुत ज़रूरी है, यही उसे कोमलता देता है।
- नारियल को अच्छी तरह भूनें, यही रसे के रंग का राज है।
- थोड़ा कोकम डालने से स्वाद में ताज़गी आ जाती है।
- इसे चावल की भाकरी के साथ खाना एक शाही अनुभव है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 serving)
170 kcal
9g
6g
22g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
