डाकोर ना गोटा

Images on Rasoi Buddy are for illustrative purposes only and may not represent the exact appearance of the final dish.
डाकोर ना गोटा गुजरात का एक बहुत ही शाही और लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजन है जिसे डाकोर मंदिर के प्रसाद के रूप में जाना जाता है। यह अपनी बेहतरीन सोंधी बनावट, लाजवाब मीठी-तीखी खुशबू और सोंधे स्वाद के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसे अक्सर विशेष अवसरों और त्योहारों पर परोसा जाता है। इसमें बेसन को काली मिर्च, सौंफ और चीनी के राजसी मेल के साथ मिलाकर पकोड़े (गोटा) तले जाते हैं। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, चटपटा और लाजवाब होता है। सौंफ की खुशबू इसे एक विशेष और राजसी पहचान देती है। डाकोर ना गोटा का हर कौर परंपरा और श्रद्धा का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा ताज़े बेसन और अच्छी सौंफ का ही चुनाव करें, यह सबसे होता है।
- गोटा को मध्यम आंच पर ही तलें, यही उन्हें अंदर तक पकाने का राज है।
- काली मिर्च की मात्रा ज़्यादा रखें, यही उसे पहचान देने का राज है।
- यह उन लोगों के लिए सबसे लाजवाब नाश्ता है जो मीठा और तीखा स्वाद एक साथ पसंद करते हैं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 4 pieces (150g))
310 kcal
10g
22g
24g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
