दाल बाफला

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दाल बाफला (दाल बाफला) मालवा और इंदौर का सबसे शाही, पारंपरिक और अत्यंत प्रसिद्ध व्यंजन है जिसे उबाले और फिर सेंके गए गेहूं के गोलों के लिए जाना जाता है। यह अपनी बेहतरीन कुरकुरी बाहरी परत, लाजवाब कोमलता और मालवा की हर बड़ी दावत के एक अनिवार्य शाही 'मुख्य भोजन' के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसमें दरदरे गेहूं के आटे के गोलों को पहले पानी में उबाला जाता है और फिर कंडों या ओवन में राजसी रूप में सेंका जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, घी जैसा सोंधा और लाजवाब होता है। शुद्ध घी में डूबे हुए बाफले परंपरा और ऐश्वर्य का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देते हैं। दाल बाफला का हर निवाला मालवा की मिट्टी की खुशबू और राजसी सत्कार का प्रतीक है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- आटा दरदरा ही इस्तेमाल करें।
- बाफलों को उबालने के बाद अच्छी तरह सुखा लें।
- घी की मात्रा भरपूर रखें, यही असली स्वाद है।
- इसे 'कढ़ी' के साथ खाना भी बहुत शाही होता है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 2 Baflas + 1 bowl Dal (450g))
520 kcal
14g
24g
64g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
