धनिया पंजीरी

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धनिया पंजीरी पंजाब की एक पवित्र और अनोखी मिठाई है, जिसे मुख्य रूप से जन्माष्टमी के त्योहार पर प्रसाद के रूप में बनाया जाता है। इसमें पारंपरिक गेहूं के आटे की जगह भुने हुए धनिया पाउडर का उपयोग किया जाता है, जो इसे एक खास खुशबू और औषधीय स्वाद देता है। धनिया को शुद्ध देसी घी में सोंधा होने तक भुना जाता है और फिर पिसी चीनी, नारियल और सूखे मेवों के साथ मिलाया जाता है। यह पाचन के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है। इसकी बनावट भुरभुरी होती है और स्वाद में धनिये की ताजगी महसूस होती है। इसे धार्मिक प्रसाद या सेहतमंद हर्बल मिठाई के रूप में खाया जाता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- ताज़ा पिसे हुए धनिये का उपयोग करने से बाज़ार वाले पाउडर की तुलना में बहुत बेहतर खुशबू आती है।
- चीनी हमेशा मिश्रण के हल्का ठंडा होने पर ही डालें, बहुत गर्म में डालने से वह पिघल जाएगी।
- मखानों को अलग से भूनने से वे पंजीरी में कुरकुरे बने रहते हैं।
- घी की मात्रा का ध्यान रखें; पंजीरी इतनी नम होनी चाहिए कि वह एकसार लगे लेकिन भुरभुरी रहे।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 portion (50g))
160 kcal
2g
9g
20g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
