एल्लू सादम

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एल्लू सादम तमिलनाडु की एक बहुत ही शाही, दमदार और पारंपरिक तिल वाले चावल की रेसिपी है, जो अपने गहरे रंग और सोंधी खुशबू के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'तिल चावल' भी कहा जाता है और यह दक्षिण भारत के मंदिरों में भगवान को अर्पित किया जाने वाला एक बेशकीमती व्यंजन है। इसमें काले तिल को भूनकर, मसालों के साथ पीसकर एक राजसी पाउडर तैयार किया जाता है और फिर उसे खिले हुए चावलों के साथ मिलाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, नटी (nutty) और लाजवाब होता है। तिल का तेल और मसालों का तड़का इसे एक विशेष और राजसी पहचान देता है। एलो सादम का हर निवाला परंपरा और सेहत का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा काले तिल का ही चुनाव करें, यह सबसे खुशबूदार और शाही होता है।
- चावल खिले-खिले होने चाहिए, तभी तिल का पाउडर हर दाने पर अच्छी तरह लिपटेगा और स्वाद आएगा।
- तिल को भूनते समय ध्यान रखें कि वे जलें नहीं, वरना पूरी डिश कड़वी हो सकती है।
- इसे घी के साथ परोसें, यह तिल के सोंधेपन को और भी और शानदार बना देता है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 plate (250g))
340 kcal
7g
14g
48g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
