फलाहारी डोसा

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फलाहारी डोसा (फलाहारी डोसा) गुजरात और दक्षिण भारत का एक बहुत ही शाही, पतला और लोकप्रिय पारंपरिक व्रत का व्यंजन है जिसे सामक (मोरैया) और साबूदाने के राजसी मेल से बनाया जाता है। यह अपनी बेहतरीन जालीदार बनावट, लाजवाब कुरकुरेपन और व्रत के एक संपूर्ण शाही भोजन के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसे अक्सर एकादशी या विशेष उपवास के दौरान नाश्ते या मुख्य डिश के रूप में परोसा जाता है। इसमें मोरैया और साबूदाने को भिगोकर एक महीन घोल तैयार किया जाता है और उसे तवे पर राजसी रूप में फैलाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, सोंधा और लाजवाब होता है। अदरक-मिर्च का पेस्ट इसे एक विशेष और राजसी पहचान देता है। फलाहारी डोसा का हर निवाला परंपरा और सेहत का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा ताज़े मोरैया और खट्टे दही का ही चुनाव करें, यह सबसे होता है।
- घोल को बहुत गाढ़ा न रखें।
- घी का उपयोग भरपूर करें।
- यह उन लोगों के लिए सबसे लाजवाब भोजन है जो व्रत में शाही और हल्का पारंपरिक दक्षिण भारतीय स्वाद चाहते हैं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 2 pieces (150g))
170 kcal
4g
6g
26g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
