फलाहारी समोसा

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फलाहारी समोसा (फलाहारी समोसा) गुजरात का एक बहुत ही शाही, कुरकुरा और लोकप्रिय पारंपरिक व्रत का नाश्ता है जिसे आलुओं और आरारोट के राजसी कवच व मूंगफली-नारियल के तीखे भरावन से बनाया जाता है। यह अपनी बेहतरीन त्रिकोणीय बनावट, लाजवाब सोंधी खुशबू और व्रत के एक विशेष शाही 'चाट' के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसे अक्सर उपवास के दौरान मुख्य नाश्ते के रूप में परोसा जाता है। इसमें आलुओं के बाहरी हिस्से को त्रिकोण आकार देकर उसमें नारियल और मूंगफली का राजसी मिश्रण भरा जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, चटपटा और लाजवाब होता है। अदरक-मिर्च और सेंधा नमक इसे एक विशेष और राजसी पहचान देते हैं। फलाहारी समोसा का हर कौर परंपरा और कुरकुरेपन का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा ताज़े आलुओं और भुनी हुई मूंगफली का ही चुनाव करें, यह सबसे होता है।
- समोसों को त्रिकोण आकार सावधानी से दें।
- तेल का तापमान सही रखें।
- यह उन लोगों के लिए सबसे लाजवाब नाश्ता है जो व्रत में शाही और कुरकुरी गुजराती चाट का स्वाद लेना चाहते हैं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 2 pieces (120g))
290 kcal
5g
18g
26g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
