घावन

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घावन महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र की एक बहुत ही शाही, सौम्य और पारंपरिक चावल की जाल जैसी रोटी है, जो अपनी कोमलता और जालीदार बनावट के लिए प्रसिद्ध है। यह 'नीरु डोसा' के समान है लेकिन इसका टेक्सचर और सोंधापन इसे अलग और राजसी पहचान देता है। इसमें भीगे हुए चावलों को पीसकर एक बहुत ही पतला और राजसी घोल तैयार किया जाता है और उसे गरम तवे पर फैलाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही ताज़गी भरा, हल्का और लाजवाब होता है। लोहे के तवे का सोंधापन इसे एक विशेष और राजसी पहचान देता है। घावन का हर टुकड़ा तटीय भारत की सादगी और शुद्ध शाकाहारी पोषण का एक बहुत ही यादगार अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए पुराने चावलों का ही चुनाव करें, यह घावन को बहुत ही शानदार और शाही बनाते हैं।
- तवा अच्छी तरह गरम होना चाहिए, तभी घावन पर वह जाली बनेगी।
- तवे पर घोल डालने से पहले उसे प्याज़ के टुकड़े से पोंछ लें, यह घावन को चिपकने से बचाने का सबसे बड़ा राज है।
- इसे तीखे झींगा रस्सा या गुड़-नारियल के दूध के साथ परोसें, यह कोंकण का सबसे शानदार और शाही मेल है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 2 pieces (120g))
160 kcal
3g
4g
28g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
