घीयर

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घीयर (घीयर) राजस्थान और सिंध का एक बहुत ही शाही, पारंपरिक और अत्यंत दुर्लभ मीठा व्यंजन है जिसे इसके विशाल जालीदार आकार के लिए जाना जाता है। यह अपनी बेहतरीन कुरकुरी बनावट, लाजवाब मिठास और होली के त्यौहार के एक अनिवार्य शाही 'मिष्ठान' के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसमें खमीर उठे मैदे के घोल को गरम घी में जाली की तरह फैलाकर तला जाता है और फिर चाशनी में डुबोया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, रसीला और लाजवाब होता है। शुद्ध घी और इलायची इसे एक विशेष और राजसी पहचान देते हैं। घीयर का हर निवाला परंपरा और वैभव का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- खमीर उठना बहुत ज़रूरी है, यही जाली का राज है।
- तलते समय रिंग का उपयोग ज़रूर करें।
- घी बहुत तेज़ गरम होना चाहिए।
- इसे 'होली' के मौके पर परोसना सबसे शाही तरीका है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 large piece (120g))
380 kcal
4g
18g
50g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
