कांजी वड़ा

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कांजी वड़ा (कांजी वड़ा) राजस्थान का एक बहुत ही शाही, पारंपरिक और अत्यंत गुणकारी व्यंजन है जिसे फर्मेंटेड (खमीरयुक्त) पानी और वड़ों के राजसी मेल के लिए जाना जाता है। यह अपनी बेहतरीन बनावट, लाजवाब खट्टे-तीखे स्वाद और राजस्थानी होली के त्योहार के एक अनिवार्य शाही 'पाचक पेय' के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसमें मूंग दाल के वड़ों को राई और मसालों के राजसी पानी में भिगोकर रखा जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, चटपटा और लाजवाब होता है। राई का तीखापन इसे एक विशेष और राजसी पहचान देता है। कांजी वड़ा का हर घूँट परंपरा और सेहत का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- राई को दरदरा ही पीसें, बारीक न करें।
- पानी को हमेशा उबालकर ठंडा करके ही इस्तेमाल करें।
- वड़ों को कांजी में डालने से पहले सादे पानी में ज़रूर भिगोएं।
- होली के समय इसे पीना सबसे शाही परंपरा है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 bowl (300ml))
160 kcal
6g
8g
18g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
