केर सांगरी

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केर सांगरी राजस्थान के मरुस्थल की एक बहुत ही शाही और पारंपरिक डिश है जो अपने सूखे बेरों (केर) और फलियों (सांगरी) के लिए जानी जाती है। यह रेगिस्तानी वनस्पतियों का एक अनोखा और लाजवाब संगम है। इसमें केर और सांगरी को दही, अमचूर और सोंठ के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही सोंधा, खट्टा और चटपटा होता है। यह डिश कई दिनों तक खराब नहीं होती, इसलिए सफर के लिए सबसे उत्तम है। यह मारवाड़ी खानपान की एक अनमोल धरोहर है। गरमागरम केर सांगरी को बाजरे के रोटले और गुड़ के साथ खाना एक असली राजस्थानी अनुभव है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- असली सरसों के तेल का ही उपयोग करें, इसकी तेज़ी ही केर सांगरी को असली राजस्थानी स्वाद देती है।
- केर-सांगरी को कई बार पानी से धोएं, क्योंकि इनमें बारीक मिट्टी हो सकती है जो स्वाद खराब कर देगी।
- अमचूर पाउडर डालने में कंजूसी न करें, इसका खट्टापन ही डिश की असली जान है।
- दही डालने के बाद उसे तेज़ आंच पर लगातार चलाएं ताकि वह फटे नहीं और ग्रेवी चमकदार बने।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 bowl (200g))
210 kcal
6g
12g
18g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
