खारोली झोल (तिल वाला रसेदार झोल)

Images on Rasoi Buddy are for illustrative purposes only and may not represent the exact appearance of the final dish.
असम के पारंपरिक और औषधीय ज़ायके का अनुभव करने के लिए खरोली झोल (Kharoli Jhol) एक बेहतरीन और पौष्टिक डिश है। इस प्रामाणिक असमिया खरोली रेसिपी की मुख्य विशेषता किण्वित सरसों का पेस्ट है, जिसे आलू या मौसमी सब्जियों के साथ मिलाकर एक पतली और खुशबूदार ग्रेवी तैयार की जाती है। सरसों के पेस्ट वाली यह कड़ी अपनी तीखी खटास और सोंधेपन के लिए जानी जाती है, जो पाचन के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है। साधारण दाल या कढ़ी से अलग, इस मस्टर्ड झोल का स्वाद सरसों के असली तीखेपन और स्थानीय मसालों के संगम से बनता है। इसे गरमा-गरम चावल के साथ परोसें और उत्तर-पूर्वी भारत के इस पारंपरिक तीखे शोरबे के असली और शुद्ध स्वाद का आनंद लें।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- झोल का असली स्वाद तिल को गहरा सुनहरा भूनने में है; यही वह स्मोकी स्वाद देता है।
- असली आदिवासी ज़ायके के लिए हमेशा सरसों के तेल का ही उपयोग करें।
- उबलते पानी में तिल का पाउडर धीरे-धीरे डालना और चलाना ही उसे एक बहुत ही शानदार बनावट देने का राज है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 serving)
185 kcal
6g
10g
18g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
