तिल वाला खासी पोर्क (चिकन विकल्प उपलब्ध)

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यह डिश मेघालय की खासी पहाड़ियों का एक बहुत ही लोकप्रिय और पारंपरिक व्यंजन है, जिसे स्थानीय भाषा में 'दोह-नेहियोंग' कहा जाता है। इसमें काले तिल का भरपूर उपयोग होता है, जो मांस को एक गहरा काला रंग और बहुत ही शानदार सोंधापन देते हैं। मांस को धीमी आंच पर पकाया जाता है ताकि वह तिल की खुशबू और तेल को पूरी तरह सोख ले। यह एक बहुत ही सादा लेकिन ज़ायकेदार व्यंजन है जिसे खास मौकों पर मेहमानों के लिए बनाया जाता है। इसे चावल के साथ खाना उत्तर-पूर्वी भारत की असली परंपरा का अहसास कराता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- तिल को सही तरीके से भूनना बहुत ज़रूरी है; अगर ये कम भुने होंगे तो डिश का रंग काला नहीं आएगा।
- असली स्वाद के लिए काले तिल का ही उपयोग करें, सफेद तिल से वह बात नहीं आएगी।
- मांस को धीमी आंच पर पकाना ज़रूरी है ताकि वह तिल की खुशबू को अंदर तक सोख सके।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 250g)
380 kcal
24g
28g
4g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
