कुंडा

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कुंडा (Kunda) उत्तरी कर्नाटक की एक बहुत ही शाही, सोंधी और पारंपरिक मिठाई है जो अपने कैरामेल जैसे स्वाद और दानेदार बनावट के लिए प्रसिद्ध है। इसे दूध और चीनी को घंटों तक धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है जब तक कि वह बिल्कुल गहरा भूरा और गाढ़ा न हो जाए। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, मीठा और लाजवाब होता है। यह बेलगावी शहर की सबसे बड़ी पहचान और भौगोलिक संकेतक (GI tag) प्राप्त मिठाई है। दूध का अच्छी तरह जलना और चीनी का कैरामेल होना इसे एक विशेष पहचान देता है। यह मिठाई कर्नाटक की गौरवशाली विरासत का एक मीठा अहसास है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा ताज़ा और फुल-फैट भैंस के दूध का ही उपयोग करें।
- इसे पकाने के दौरान एक पल के लिए भी न छोड़ें, वरना नीचे से जलने पर इसका स्वाद खराब हो सकता है।
- दही की मात्रा बहुत कम रखें, यह सिर्फ दूध को दानेदार बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
- पकाने के बाद इसे कुछ घंटों के लिए छोड़ दें, ठंडा होने पर इसका स्वाद और भी गहरा हो जाता है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 bowl (100g))
340 kcal
8g
18g
38g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
