लिलवा की कढ़ी

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लिलवा की कढ़ी (लिलवा नी कढ़ी) गुजरात का एक बहुत ही शाही और लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजन है जिसे ताज़े हरे तुअर के दानों (लिलवा) और दही के राजसी मेल से बनाया जाता है। यह अपनी बेहतरीन मलाईदार बनावट, लाजवाब खट्टे-मीठे स्वाद और सर्दियों के खास तोहफे के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसे अक्सर दोपहर या रात के भोजन में चावल के साथ एक मुख्य डिश के रूप में परोसा जाता है। इसमें कोमल लिलवा के दानों को दही, बेसन और राजसी मसालों की तरी में धीमी आंच पर पकाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, सोंधा और लाजवाब होता है। मेथी और राई का तड़का इसे एक विशेष और राजसी पहचान देता है। लिलवा कढ़ी का हर कौर परंपरा और सर्दियों की मिठास का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा ताज़े हरे लिलवा और शुद्ध घी का ही चुनाव करें, यह सबसे होता है।
- मेथी दाना डालना न भूलें, यही उसकी पहचान है।
- गुड़ की मात्रा खटास के अनुसार ही रखें।
- यह उन लोगों के लिए सबसे लाजवाब कढ़ी है जो सर्दियों में शाही और पौष्टिक भोजन का आनंद लेना चाहते हैं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 bowl (200ml))
180 kcal
6g
9g
18g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
