मां की दाल

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मां की दाल, जिसे काली दाल भी कहा जाता है, पंजाब की रसोई का सबसे सुकून देने वाला व्यंजन है। दाल मखनी के विपरीत, जिसमें बहुत सारा मक्खन और क्रीम होती है, यह पारंपरिक दाल साबुत काली उड़द को धीमी आंच पर पकाकर बनाई जाती है। दाल को घंटों तक धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है जब तक कि वह पूरी तरह से घुल न जाए, जिससे एक गाढ़ा और सोंधा स्वाद मिलता है। यह दाल हर पंजाबी घर का एक पौष्टिक और मुख्य हिस्सा है, जो सादगी और ममता का प्रतीक है। इसे गरमागरम रोटियों या सादे चावलों के साथ खाना सबसे अच्छा होता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- धीमी आंच पर देर तक पकाना ही इस दाल के असली मलाईदार स्वाद का राज है।
- दाल को पतला करने के लिए हमेशा गर्म पानी का ही इस्तेमाल करें ताकि तापमान बना रहे।
- अदरक और लहसुन को तड़के में डालने से दाल में बहुत अच्छी खुशबू आती है।
- दाल को गाढ़ा करने के लिए पकाते समय लगभग 20% दाल को कड़छी से मैश ज़रूर करें।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 bowl (250g))
240 kcal
12g
8g
28g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
