मोदक

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गणेश चतुर्थी के पावन अवसर और श्रद्धा का प्रतीक मोदक (Modak) एक ऐसा दिव्य व्यंजन है, जिसके बिना बप्पा का स्वागत अधूरा है। इस पारंपरिक उकडीचे मोदक की खासियत इसकी नरम और मखमली बाहरी परत है, जिसे चावल के आटे से तैयार किया जाता है, और इसके अंदर ताज़े नारियल और गुड़ का मीठा मिश्रण भरा जाता है। तेल में तली हुई मिठाइयों से अलग, भाप में पकाए गए ये स्टीम्ड मोदक अपनी शुद्धता और इलायची की सोंधी खुशबू के लिए जाने जाते हैं। भगवान गणेश के प्रिय माने जाने वाले ये ग्लूटेन-फ्री मोदक न केवल सात्विक होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी हल्के और सुपाच्य होते हैं। अगर आप घर पर पारंपरिक मोदक रेसिपी आज़माना चाहते हैं, तो इन्हें शुद्ध घी के साथ गरमा-गरम परोसें और इस शुभ और स्वादिष्ट प्रसाद का आनंद लें।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- आटे को गरम रहते ही गूंथना बहुत ज़रूरी है, यही उसकी सफलता का राज है।
- कलियां जितनी ज़्यादा होंगी, मोदक उतना ही और सुंदर दिखेगा।
- इसे गरम घी के साथ खाना ही सबसे शाही अनुभव है।
- भरावन को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही भरें।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 serving)
180 kcal
3g
6g
32g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
