मोरैया खिचड़ी

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मोरैया खिचड़ी (समा के चावल) गुजरात का एक बहुत ही शाही और लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजन है जिसे मोरैया और राजसी दही के मेल से बनाया जाता है। यह अपनी बेहतरीन मलाईदार बनावट, लाजवाब सोंधी खुशबू और उपवास के लिए विशेष उपयोग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसे अक्सर व्रत के दौरान दोपहर के भोजन में एक मुख्य और पौष्टिक डिश के रूप में खाया जाता है। इसमें समा के चावलों को राई, जीरा, मूंगफली और दही के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, चटपटा और लाजवाब होता है। मूंगफली का सोंधापन इसे एक विशेष और राजसी पहचान देता है। मोरैया खिचड़ी का हर कौर परंपरा और सादगी का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा अच्छी क्वालिटी के मोरैया और शुद्ध घी का ही चुनाव करें, यह सबसे होता है।
- दही डालने के बाद आंच एकदम धीमी रखें, यही उसे फटने से बचाने का राज है।
- मूंगफली को दरदरा ही रखें, यही उसे कुरकुरापन देने का राज है।
- यह उन लोगों के लिए सबसे लाजवाब भोजन है जो उपवास में सात्विक और हल्का खाना चाहते हैं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 portion (250g))
240 kcal
5g
10g
32g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
