नानखताई

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नानखताई भारत की सबसे पारंपरिक और शाही बिस्किट है जो अपनी अविश्वसनीय कोमलता और सोंधी खुशबू के लिए जानी जाती है। इसे मैदा, बेसन और सूजी के मेल से बनाया जाता है, जिसमें इलायची और जायफल का बहुत ही बेहतरीन स्वाद होता है। यह हर भारतीय घर की पुरानी यादों से जुड़ी एक अनमोल मिठाई है। इसका हर निवाला मुंह में जाते ही घुल जाता है और मक्खन जैसा सोंधापन छोड़ देता है। त्यौहारों, विशेष रूप से दिवाली पर नानखताई बनाना एक पुरानी परंपरा है। इसे शाम की चाय के साथ खाना एक बहुत ही समृद्ध और पारंपरिक अनुभव है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- घी बिल्कुल जमा हुआ होना चाहिए, पिघला हुआ घी नानखताई को सख्त बना सकता है।
- बेसन का उपयोग इसे एक बहुत ही सोंधी खुशबू और सुंदर रंग देता है।
- सूजी डालने से नानखताई में एक बेहतरीन कुरकुरापन आता है जो खाने में बहुत अच्छा लगता है।
- बेक करते समय ओवन का ढक्कन बार-बार न खोलें वरना नानखताई सही से नहीं फूलेगी।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 2 pieces (40g))
120 kcal
2g
7g
12g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
