ओलो रोटलो

Images on Rasoi Buddy are for illustrative purposes only and may not represent the exact appearance of the final dish.
ओलो रोटलो गुजरात का सबसे पारंपरिक और दमदार भोजन है, जिसे सर्दियों में शरीर को ताकत देने के लिए खाया जाता है। इसमें धुंआधार बैंगन का भरता (ओलो) और हाथ से थपथपाकर बनाया गया बाजरे का मोटा रोटला शामिल है। रोटले को मिट्टी के तवे पर धीमी आंच पर सेंका जाता है जिससे वह बाहर से सोंधा और अंदर से नरम बनता है। यह मील ग्रामीण गुजरात की संस्कृति और असली स्वाद का प्रतीक है। इसे गरमागरम रोटले पर ढेर सारा देसी घी लगाकर, गुड़ और लहसुन की चटनी के साथ परोसना एक शाही अनुभव होता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- रोटले को हमेशा मिट्टी के तवे पर ही सेंकें, यही उसे वह असली सोंधा और विशेष स्वाद देने का राज है।
- आटा गूंथते समय गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें, इससे रोटला बेलते समय फटेगा नहीं और नरम बनेगा।
- तैयार रोटले पर घी लगाने में कंजूसी न करें, घी बाजरे के भारीपन को संतुलित करता है और ज़ायका बढ़ाता है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति सर्विंग)
420 kcal
8g
22g
52g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
