पहाड़ी बैंगन झोल (बैंगन की रसेदार सब्जी)

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पहाड़ी बैंगन झोल उत्तराखंड के गांवों का एक बहुत ही सरल और दिल को छू लेने वाला व्यंजन है। पहाड़ों में 'झोल' का मतलब होता है पतली रसेदार ग्रेवी, जिसे खासतौर पर चावल के साथ खाने के लिए बनाया जाता है। इसमें लंबे और मुलायम बैंगन का उपयोग होता है जिन्हें हल्दी, धनिया और हरी मिर्च जैसे साधारण मसालों के साथ पकाया जाता है। इसका असली राज सरसों के तेल और जम्बू जड़ी-बूटी का तड़का है। यह रोज़ाना खाया जाने वाला एक बहुत ही संतोषजनक भोजन है। बैंगन इस पतली ग्रेवी में पककर एकदम मखमली और मुलायम हो जाते हैं। इसे चावल के साथ खाना पहाड़ों की असली सादगी का अहसास कराता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- असली पहाड़ी स्वाद के लिए सरसों का तेल ही इस्तेमाल करें; किसी और तेल से वह सोंधापन नहीं आएगा।
- बैंगन को सिर्फ नरम होने तक ही पकाएं; अगर वे पूरी तरह मैश हो गए, तो वह असली 'झोल' नहीं कहलाएगा।
- अगर आपके पास जम्बू नहीं है, तो तड़के के समय थोड़ा कुचला हुआ लहसुन डालने से स्वाद बहुत बढ़ जाता है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 200ml)
135 kcal
3g
8g
14g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
