पाथिरी

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पाथिरी केरल के मालाबार क्षेत्र की एक बहुत ही शाही और कागज़ जैसी पतली चावल की रोटी है। यह अपनी सफेदी और कोमलता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। इसे चावल के आटे को उबलते पानी में गूँथ कर बनाया जाता है और बहुत ही सफाई से बेला जाता है। इसमें तेल का उपयोग नहीं होता, इसलिए यह बहुत ही सेहतमंद और हल्की होती है। यह मोपला खानपान की असली पहचान है। इसका स्वाद बहुत ही सोंधा और लाजवाब होता है। इसे अक्सर तीखी चिकन करी या मटन करी के साथ परोसा जाता है। ईद के मौके पर पाथिरी बनाना एक अनिवार्य परंपरा है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- चावल का आटा बहुत बारीक और भुना हुआ होना चाहिए, तभी पाथिरी मखमली बनेगी।
- पानी बिल्कुल खौलता हुआ होना चाहिए, यही आटे को पकाने का सही तरीका है।
- पाथिरी को बहुत ज़्यादा न सेकें, बस हल्का सा फूलने तक ही पकाएं।
- बनाने के बाद इन्हें तुरंत किसी कपड़े में लपेट कर रखें ताकि वे नरम बनी रहें।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 2 pieces (80g))
110 kcal
2g
1g
24g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
