पितौर की कढ़ी

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पितौर की कढ़ी (पितौर की कढ़ी) राजस्थान का एक बहुत ही शाही, पारंपरिक और अत्यंत कलात्मक व्यंजन है जिसे बेसन की जमाई हुई कतलियों (पितौर) के लिए जाना जाता है। यह अपनी बेहतरीन कोमलता, लाजवाब बनावट और जयपुर के राजघरानों के एक अनिवार्य शाही 'विशेष भोजन' के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसमें बेसन के घोल को पकाकर जमाया जाता है और फिर उसे दही की राजसी तरी में पकाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, चटपटा और लाजवाब होता है। शुद्ध घी और कसूरी मेथी इसे एक विशेष और राजसी पहचान देते हैं। पितौर की कढ़ी का हर कौर परंपरा और कौशल का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- बेसन के घोल को गर्म रहते ही थाली पर फैलाएं।
- कतलियां काटने के बाद उन्हें कढ़ी में बहुत धीरे से डालें।
- दही थोड़ा खट्टा लें, यही असली स्वाद का राज है।
- इसे 'बाजरे की रोटी' के साथ खाना सबसे शाही परंपरा है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 portion (300g))
240 kcal
10g
12g
22g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
