रागी अंबिल करी

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रागी अंबिल कोंकण और महाराष्ट्र का एक बहुत ही पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन है। इसे फर्मेंटेड रागी (नचनी) के आटे और छाछ को मिलाकर बनाया जाता है। यह गर्मियों के लिए एक बहुत ही शानदार डिश है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा और ठंडक देती है। इसका स्वाद छाछ की वजह से चटपटा और रागी की वजह से सोंधा होता है। इसमें लहसुन और हरी मिर्च का तड़का लगाया जाता है जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है। इसे दोपहर के पेय के रूप में या चावल के साथ करी की तरह खाया जाता है। यह तटीय भारत का एक असली और स्वास्थ्यवर्धक भोजन है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- छाछ मिलाने से पहले पकी हुई रागी को पूरी तरह ठंडा ज़रूर होने दें, वरना छाछ फट सकती है।
- रागी के घोल को कुछ घंटों तक फर्मेंट करने से उसका स्वाद बहुत गहरा और लाजवाब हो जाता है।
- अंबिल की बनावट पीने लायक पतली होनी चाहिए; अगर यह ठंडा होने पर ज़्यादा गाढ़ा हो जाए तो थोड़ा पानी मिलाएं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 250ml)
125 kcal
4g
5g
18g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
