राजस्थानी मलाई घेवर

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राजस्थानी मलाई घेवर (राजस्थानी मलाई घेवर) राजस्थान का सबसे शाही, पारंपरिक और अत्यंत जटिल मीठा व्यंजन है जिसे इसके जालीदार आकार और मलाईदार स्वाद के लिए जाना जाता है। यह अपनी बेहतरीन बनावट, लाजवाब मिठास और राजस्थानी उत्सवों (विशेषकर तीज) के एक अनिवार्य शाही 'मिष्ठान' के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसमें मैदा और घी के ठंडे घोल को खौलते घी में डालकर जाली तैयार की जाती है और फिर उस पर गाढ़ी मलाई (रबड़ी) सजाई जाती है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, रसीला और लाजवाब होता है। केसर और पिस्ता इसे एक विशेष और राजसी पहचान देते हैं। मलाई घेवर का हर निवाला परंपरा और वैभव का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- घोल और पानी बहुत ज़्यादा ठंडा होना चाहिए।
- घी बहुत तेज़ गरम होना चाहिए, यही असली जाली का राज है।
- रबड़ी ताज़ा और गाढ़ी होनी चाहिए।
- इसे 'तीज' के मौके पर परोसना सबसे शाही तरीका है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 medium piece (150g))
450 kcal
6g
28g
44g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
