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राजगिरा ना भजिया

Rajgira Na Bhajiya

Images on Rasoi Buddy are for illustrative purposes only and may not represent the exact appearance of the final dish.

राजगिरा ना भजिया (राजगिरा ना भजिया) गुजरात का एक बहुत ही शाही, कुरकुरा और लोकप्रिय पारंपरिक नाश्ता है जिसे राजगिरा के आटे और आलुओं के राजसी मेल से बनाया जाता है। यह अपनी बेहतरीन बनावट, लाजवाब तीखे स्वाद और व्रत-उपवास के एक अनिवार्य शाही 'फरसाण' के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसे अक्सर व्रत के दौरान दोपहर या शाम के नाश्ते में एक मुख्य डिश के रूप में परोसा जाता है। इसमें आलुओं को राजगिरा के आटे के तीखे घोल में लपेटकर सुनहरा होने तक तला जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, सोंधा और लाजवाब होता है। अदरक-मिर्च और काली मिर्च इसे एक विशेष और राजसी पहचान देते हैं। राजगिरा भजिया का हर कौर परंपरा और कुरकुरेपन का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।

Rajgira Na Bhajiya Recipe
Amaranth Flour Fritters
Best Vrat Special Snack
Homemade Rajgira Bhajiya
Fasting Special Fried Snack
Traditional Farali Farsan
Prep Time10 mins
Cook Time15 mins
Servings4 People
DifficultyEasy
🧾

सामग्री

2 कप राजगिरा का आटा
2 बड़े आलू (कटे हुए)
अदरक-मिर्च का पेस्ट
काली मिर्च
1/2 कप खट्टा दही
सेंधा नमक
पानी
तेल (तलने के लिए)
हरा धनिया
👨‍🍳

बनाने की विधि

टिप्स और सीक्रेट्स

  • सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा ताज़े आलुओं और खट्टे दही का ही चुनाव करें, यह सबसे होता है।
  • घोल को बहुत पतला न करें।
  • भजिया को गरम तेल में ही डालें।
  • यह उन लोगों के लिए सबसे लाजवाब नाश्ता है जो व्रत में शाही और कुरकुरी गुजराती दावत का आनंद लेना चाहते हैं।

पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 150g portion)

कैलोरी

280 kcal

प्रोटीन

8g

वसा

18g

कार्बोहाइड्रेट

24g

नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।