राजगिरा नो शीरो

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राजगिरा नो शीरो (राजगिरा नो शीरो) गुजरात का एक बहुत ही शाही, पौष्टिक और लोकप्रिय पारंपरिक मीठा व्यंजन है जिसे राजगिरा (अमरनाथ) के आटे और शुद्ध घी के राजसी मेल से बनाया जाता है। यह अपनी बेहतरीन दानेदार बनावट, लाजवाब सोंधी खुशबू और व्रत-उपवास के एक अनिवार्य शाही मीठे के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसे अक्सर एकादशी या शिवरात्रि जैसे विशेष व्रत के दौरान एक मुख्य डिश के रूप में परोसा जाता है। इसमें राजगिरा के आटे को भरपूर घी में सुनहरा होने तक भूना जाता है और फिर चीनी व दूध के साथ पकाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, कोमल और लाजवाब होता है। इलायची और मेवे इसे एक विशेष और राजसी पहचान देते हैं। राजगिरा शीरो का हर कौर परंपरा और सेहत का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा शुद्ध गाय के घी और ताज़े आटे का ही चुनाव करें, यह सबसे होता है।
- आटे को धीमी आंच पर ही भूनें, यही उसके सोंधेपन का राज है।
- चीनी की जगह गुड़ का भी उपयोग किया जा सकता है।
- यह उन लोगों के लिए सबसे लाजवाब मीठा है जो व्रत में शाही और सेहतमंद पारंपरिक स्वाद चाहते हैं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 bowl (150g))
320 kcal
6g
18g
36g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
