रसबली

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रसबली ओडिशा की एक बहुत ही शाही, दमदार और पारंपरिक मिठाई है, जो विशेष रूप से केंद्रपाड़ा के बलदेवजी मंदिर के महाप्रसाद के रूप में जानी जाती है। इसमें ताज़ा छेना की छोटी टिक्कियों को सुनहरा होने तक तला जाता है और फिर उन्हें केसरिया गाढ़े दूध (रबड़ी) में धीमी आंच पर पकाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, मीठा और लाजवाब होता है। गाढ़े दूध की मलाई और छेना का सोंधापन इसे एक विशेष और राजसी पहचान देता है। रसबली का हर निवाला एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा ताज़ा छेना और फुल-क्रीम दूध का ही चुनाव करें।
- टिक्कियों को बहुत मोटा न बनाएं, ताकि वे दूध को अंदर तक अच्छी तरह सोख सकें और रसीली बनें।
- शुद्ध देशी घी का ही उपयोग करें, इसकी खुशबू रसबली के ज़ायके को कई गुना बढ़ा देती है।
- इसे पकाने के बाद 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि टिक्कियां पूरी तरह रसीली और विशेष हो जाएं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 2 pieces with milk (150g))
240 kcal
8g
12g
26g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
