कड़क फिल्टर कॉफी

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कड़क फिल्टर कॉफी दक्षिण भारत की एक बहुत ही शाही, दमदार और पारंपरिक पेय डिश है जिसे कॉफी बीन्स और चिकोरी के राजसी मेल से बनाया जाता है। यह अपनी बेहतरीन कड़क बनावट, लाजवाब सोंधी खुशबू और मखमली झाग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह दक्षिण भारतीय संस्कृति और सुबह की ताज़गी का सबसे बेशकीमती और राजसी हिस्सा है। इसमें पारंपरिक पीतल के फिल्टर का उपयोग करके कॉफी का एक राजसी गाढ़ा अर्क (डिकोक्शन) तैयार किया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, कड़वा-मीठा और लाजवाब होता है। गाढ़ा दूध और झाग का मेल इसे एक विशेष और राजसी पहचान देता है। फिल्टर कॉफी का हर घूँट परंपरा और बेहतरीन स्फूर्ति का एक बहुत ही यादगार और शाही अनुभव देता है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- सबसे बेहतरीन स्वाद के लिए हमेशा ताज़ी पिसी हुई कॉफी और गाढ़े दूध का ही चुनाव करें, यह सबसे होता है।
- दूध को बार-बार न उबालें, एक उबाल आने पर ही कॉफी में मिलाएं ताकि वह बना रहे।
- चिकोरी इसे एक बहुत ही शानदार और शाही रंग और मोटाई देती है।
- यह सुबह की शुरुआत और काम के बीच ताज़गी के लिए सबसे लाजवाब और शाही कॉफी है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 tumbler (150ml))
120 kcal
4g
6g
12g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
