तिल पोर्क करी (तिल वाला मांस)

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तिल पोर्क करी उत्तर-पूर्वी भारत के आदिवासी इलाकों का एक बहुत ही शानदार और सोंधा व्यंजन है, जिसमें भुने हुए तिल (तिल) मुख्य सामग्री होते हैं। मांस को उसकी अपनी वसा में तब तक धीमी आंच पर पकाया जाता है जब तक कि वह नरम न हो जाए, और फिर उसे तिल की एक गाढ़ी और स्मोकी ग्रेवी में लपेटा जाता है। यह डिश आदिवासी मेहमाननवाज़ी का प्रतीक है और इसे खास मौकों पर बनाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही गहरा और लाजवाब होता है। यह पहाड़ी क्षेत्रों की मज़बूत और अनोखी पाक कला का एक बेहतरीन नमूना है। इसे उबले हुए चिपचिपे चावल के साथ खाना सबसे अच्छा अनुभव है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- तिल को सही तरीके से भूनना ही सबसे बड़ा राज है; ज़्यादा भूनने से कड़वाहट आ सकती है और कम भूनने से वह सोंधापन नहीं आएगा।
- असली आदिवासी स्वाद के लिए हमेशा काले तिल का ही उपयोग करें।
- पानी डालने से पहले मांस को उसके अपने ही रस में धीमी आंच पर पकाना उसे अंदर से रसीला रखने का राज है।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 250g)
385 kcal
24g
28g
4g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
