वाथा कुझाम्बू

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वाथा कुझाम्बू तमिलनाडु की एक बहुत ही शाही, तीखी और पारंपरिक डिश है जो सूखी बेरीज और इमली के मेल से बनाई जाती है। इसमें धूप में सुखाए गए 'मनाथक्कली' या 'सुंदक्कई' (berries) को इमली और तीखे चेट्टिनाड मसालों की एक बहुत ही चटपटी ग्रेवी में पकाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही दमदार, खट्टा और लाजवाब होता है। यह दक्षिण भारतीय घरों में सबसे प्रिय और स्वास्थ्यवर्धक डिश मानी जाती है। तिल के तेल की खुशबू और बेरीज का सोंधापन एक बेहतरीन संगम बनाता है। गरमागरम वाथा कुझाम्बू को बासमती चावल और थोड़े से घी के साथ खाना एक यादगार अनुभव है।
सामग्री
बनाने की विधि
टिप्स और सीक्रेट्स
- तिल के तेल (Gingelly Oil) का ही उपयोग करें, इसकी खुशबू ही इस डिश की असली जान है।
- मेथी दानों को ज़्यादा न जलाएं, वरना पूरी ग्रेवी कड़वी हो सकती है।
- गुड़ का एक छोटा टुकड़ा ज़रूर डालें, यह इमली की खटास को बहुत अच्छी तरह संतुलित करता है।
- इसे अगले दिन खाने पर स्वाद और भी ज़्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि बेरीज मसालों को अच्छी तरह सोख लेती हैं।
पोषण संबंधी जानकारी(प्रति 1 bowl (200ml))
160 kcal
4g
10g
22g
नोट: पोषण संबंधी मान एक मानक सर्विंग (~200-250 ग्राम / मिली) के लिए पेशेवर अनुमान हैं और सामग्री की गुणवत्ता और बनाने की विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
